ग्रहण पीडा परिहार श्लोकाः — Grahana Pida Parihara Shloka
Grahana Pida Parihara Shloka — Vedic Remedy for Solar & Lunar Eclipses

ग्रहण पीडा परिहार — वैदिक दृष्टिकोण
हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष में सूर्यग्रहण (Solar Eclipse) और चन्द्रग्रहण (Lunar Eclipse) को अत्यंत संवेदनशील समय माना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, इस समय राहु और केतु, जो छाया ग्रह हैं, सूर्य और चन्द्रमा (आत्मा और मन के कारक) को ग्रसने का प्रयास करते हैं।
ग्रहण पीडा परिहार श्लोक एक रक्षात्मक स्तोत्र है। जब ग्रहण उस नक्षत्र में लगता है जिसमें आपका जन्म हुआ है (जन्मनक्षत्र) या आपकी राशि पर लगता है, तो यह शारीरिक कष्ट, मानसिक तनाव और मानहानि दे सकता है। ऐसी स्थिति में, केवल ग्रहों की पूजा पर्याप्त नहीं होती; हमें दिक्पालों (Guardians of Directions) की शरण लेनी पड़ती है जो ब्रह्मांड की दसों दिशाओं को नियंत्रित करते हैं।
विशेष संकल्प: इस पाठ का मुख्य श्लोक संकल्प की तरह है—"मज्जन्मऋक्षे मम राशिसंस्थे"। यह स्पष्ट करता है कि "हे देवताओं! मेरे जन्म नक्षत्र और राशि पर आए हुए इस सूर्य/चन्द्र उपराग (ग्रहण) के दोष को शांत करें।"
अष्ट-दिक्पालों का आह्वान और उनका महत्व
इस स्तोत्र में 8 प्रमुख देवताओं से रक्षा मांगी गई है, जो 8 दिशाओं के स्वामी हैं। ग्रहण के समय अंधकार छा जाता है, इसलिए इन 'प्रकाश और शक्ति' के देवताओं का आह्वान किया जाता है:
ग्रहण काल में पाठ विधि (Rituals during Eclipse)
ग्रहण काल एक विशिष्ट "संक्रमण काल" है। इस समय किए गए मंत्र जाप का फल सामान्य दिनों से हजार गुना अधिक माना गया है।
- समय: ग्रहण के स्पर्श (शुरुआत) से लेकर मोक्ष (समाप्त होने) तक लगातार इस स्तोत्र का पाठ करें। यदि संभव न हो, तो कम से कम 11 बार पाठ अवश्य करें।
- शुद्धि: ग्रहण लगने से पहले स्नान कर लें। ग्रहण के दौरान मूर्ति स्पर्श वर्जित है, इसलिए मानसिक जाप या माला पर जाप करें।
- सामग्री: अपने पास थोड़ा कुश (घास) या तुलसी दल रखें। यह विकिरण (Radiation) से रक्षा करता है।
- दान (Charity): ग्रहण समाप्त होने (मोक्ष) के बाद पुनः स्नान करें (वस्त्र सहित स्नान उत्तम है)। इसके बाद, किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को अन्न (चावल/गेहूं), वस्त्र और दक्षिणा का दान करें। दान देते समय भी इस श्लोक का उच्चारण करें।
ग्रहण शांति के लिए आप नवग्रह पीड़ाहर स्तोत्र का भी पाठ कर सकते हैं, जो विशेष रूप से ग्रहों की पीड़ा हरने के लिए है।