1. बाईस अक्षरी श्री दक्षिण काली मन्त्र (22 अक्षरों वाला मन्त्र)ॐ क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं दक्षिणे कालिके
क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं स्वाहा॥
2. एकाक्षरी काली मन्त्र (1 अक्षर वाला मन्त्र)
ॐ क्रीं
3. तीन अक्षरी काली मन्त्र (3 अक्षरों वाला मन्त्र)
ॐ क्रीं ह्रुं ह्रीं॥
4. पञ्चाक्षरी काली मन्त्र (5 अक्षरों वाला मन्त्र)
ॐ क्रीं ह्रुं ह्रीं हूँ फट्॥
5. षडाक्षर काली मन्त्र (6 अक्षरों वाला मन्त्र)
ॐ क्रीं कालिके स्वाहा॥
6. सप्ताक्षरी काली मन्त्र (7 अक्षरों वाला मन्त्र)
ॐ हूँ ह्रीं हूँ फट् स्वाहा॥
7. श्री दक्षिण काली मन्त्र
ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रुं ह्रुं क्रीं क्रीं क्रीं
दक्षिणकालिके क्रीं क्रीं क्रीं ह्रुं ह्रुं ह्रीं ह्रीं॥
8. श्री दक्षिण काली मन्त्र
क्रीं ह्रुं ह्रीं दक्षिणेकालिके क्रीं ह्रुं ह्रीं स्वाहा॥
9. श्री दक्षिण काली मन्त्र
ॐ ह्रुं ह्रुं क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं
दक्षिणकालिके ह्रुं ह्रुं क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं स्वाहा॥
10. श्री दक्षिण काली मन्त्र
ॐ क्रीं क्रीं क्रीं ह्रुं ह्रुं ह्रीं ह्रीं दक्षिणकालिके स्वाहा॥
11. भद्रकाली मन्त्र
ॐ ह्रौं काली महाकाली किलिकिले फट् स्वाहा॥
12. श्री श्मशान काली मन्त्र
ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं कालिके क्लीं श्रीं ह्रीं ऐं॥
देवी काली मन्त्र (Devi Kali Mantra) - परिचय
देवी काली मन्त्र (Devi Kali Mantra) माँ दुर्गा की स्तुति में गाया जाने वाला एक अद्भुत स्तोत्र है। भक्तजन अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए इसका पाठ करते हैं।
पाठ के लाभ (Benefits)
- मानसिक शांति: तनाव और चिंता से मुक्ति मिलती है।
- विघ्न नाश: जीवन आने वाली बाधाएं माँ दुर्गा की कृपा से दूर होती हैं।
- समृद्धि: घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।
पाठ विधि (Recitation Method)
- समय: ब्रह्म मुहूर्त (प्रातःकाल) या संध्या समय सर्वोत्तम है।
- शुद्धि: स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- आसन: पूजा कक्ष में पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें।
FAQ - अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. देवी काली मन्त्र (Devi Kali Mantra) का पाठ कितनी बार करना चाहिए?
श्रद्धा अनुसार 1, 3 या 11 बार पाठ किया जा सकता है।
2. क्या संस्कृत न जानने वाले भी पाठ कर सकते हैं?
हाँ, आप हिंदी अर्थ समझकर या श्रवण (सुनकर) भी लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
