॥ अथ श्री कमला महाविद्या मन्त्राः ॥
१. एकाक्षर कमला बीज मन्त्र
(समस्त सिद्धियों का मूल)
श्रीं
(Shreem)
२. द्वयक्षर साम्राज्य लक्ष्मी मन्त्र
(राज्य और अधिकार प्राप्ति हेतु)
स्ह्क्ल्रीं हं
(S-h-k-l-reem Hum)
३. त्र्यक्षर साम्राज्य लक्ष्मी मन्त्र
(तीनों लोकों के ऐश्वर्य हेतु)
श्रीं क्लीं श्रीं
(Shreem Kleem Shreem)
४. चतुराक्षर कमला मन्त्र
(विद्या, धन और आकर्षण हेतु)
ऐं श्रीं ह्रीं क्लीं
(Aim Shreem Hreem Kleem)
५. पञ्चाक्षर कमला मन्त्र
श्रीं क्लीं श्रीं नमः
(Shreem Kleem Shreem Namah)
६. नवाक्षर सिद्धि लक्ष्मी मन्त्र
(व्यापार और कार्य सिद्धि हेतु)
ॐ ह्रीं हूं हां ग्रें क्षों क्रों नमः
(Om Hreem Hoom Haam Grem Kshom Krom Namah)
७. दशाक्षरी कमला मन्त्र
(कमल पर निवास करने वाली माँ का आह्वान)
नमः कमलवासिन्यै स्वाहा
(Namah Kamal-Vasinyai Swaha)
८. श्री कमला महामंत्र (मूल मंत्र)
(सर्वाधिक प्रचलित और शक्तिशाली)
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद
श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः ॥
(Om Shreem Hreem Shreem Kamale Kamalalaye Praseed Praseed
Shreem Hreem Shreem Om Mahalakshmyai Namah)
संलिखित ग्रंथ
देवी कमला मंत्र — परिचय एवं रहस्य (Introduction & Significance)
देवी कमला (Devi Kamala) दस महाविद्याओं में दसवीं शक्ति हैं। इन्हें 'कमलात्मिका' भी कहा जाता है। यद्यपि स्वरूप में ये माँ लक्ष्मी के समान ही हैं (चतुर्भुज, कमल पर आसीन, गजों द्वारा अभिषिक्त), किन्तु तांत्रिक दृष्टि से इनमें गहरा अंतर है। पौराणिक लक्ष्मी भगवान विष्णु की पत्नी हैं और 'श्री' (Prosperity) का प्रतीक हैं। जबकि महाविद्या कमला एक स्वतंत्र सर्वोच्च सत्ता (Sovereign Power) हैं। वे केवल धन नहीं देतीं, वे चेतना का सर्वोच्च विकास प्रदान करती हैं।
'कमला' नाम का अर्थ: 'कमल' (Lotus) कीचड़ में उगता है लेकिन उससे निर्लिप्त रहता है। इसी प्रकार, माँ कमला साधक को भौतिक संसार के कीचड़ (माया) में रहते हुए भी उसे भोग और मोक्ष दोनों प्रदान करती हैं। वे भौतिक संपन्नता की अधिष्ठात्री देवी हैं। इनका रंग पिघले हुए स्वर्ण (Molten Gold) के समान है।
बीज मंत्र विज्ञान: इनका मुख्य बीज मंत्र 'श्रीं' (Shreem) है। यह ब्रह्मांड का सबसे शक्तिशाली ध्वनि कंपन माना जाता है जो आकर्षण और समृद्धि को जन्म देता है। जब साधक 'श्री कमला महामंत्र' (मंत्र संख्या 8) का जाप करता है, तो वह 'ह्रीं' (माया/भुवनेश्वरी बीज) के माध्यम से 'श्रीं' (लक्ष्मी) को स्थिर करता है। यही कारण है कि कमला साधना से प्राप्त धन कभी नष्ट नहीं होता।
कमला मंत्र साधना के लाभ — फलश्रुति (Benefits from Phala Shruti)
तंत्र सार और आगम ग्रंथों के अनुसार, कमला महाविद्या की उपासना के लाभ साधारण लक्ष्मी पूजा से कई गुना अधिक और शीघ्र प्राप्त होते हैं:
- ✦अखंड दरिद्रता नाश: यह साधना पीढ़ियों पुरानी गरीबी और कर्ज (Debt) को समाप्त करने में सक्षम है। इसे 'दारिद्र्य दहन' साधना भी कहा जाता है।
- ✦साम्राज्य प्राप्ति: माँ कमला को 'राज्य लक्ष्मी' भी कहा जाता है। जो लोग राजनीति, प्रशासन या उच्च पद (CEO/Leader) प्राप्त करना चाहते हैं, उनके लिए यह मंत्र राम-बाण है।
- ✦स्थिर लक्ष्मी: सामान्य लक्ष्मी 'चंचला' होती हैं (आज हैं, कल नहीं), लेकिन तांत्रिक कमला साधना से धन 'स्थिर' हो जाता है और व्यर्थ के कार्यों में खर्च नहीं होता।
- ✦सौंदर्य और आकर्षण: देवी कमला सौंदर्य की प्रतिमूर्ति हैं। इनके मंत्रों के जाप से साधक के चेहरे पर एक दिव्य तेज (Aura) और आकर्षण शक्ति आती है।
- ✦संतान और सुख: यह साधना गृहस्थ जीवन में प्रेम, शांति और योग्य संतान की प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ मानी गई है।
साधना विधि एवं नियम (Ritual Method)
कमला साधना अत्यंत सौम्य है, इसमें उग्रता नहीं है, इसलिए इसे गृहस्थ व्यक्ति बिना किसी भय के कर सकते हैं। विधि इस प्रकार है:
आवश्यक सामग्री एवं तैयारी
- शुभ समय: शुक्रवार (Friday), पूर्णिमा (Full Moon), या दीपावली की महानिशा। समय रात्रि 9 बजे के बाद का श्रेष्ठ है।
- वस्त्र और आसन: गुलाबी या लाल रंग के वस्त्र और आसन का प्रयोग करें।
- दिशा: उत्तर (North) दिशा की ओर मुख करें (धन की दिशा)।
- माला: कमल गट्टे की माला (Lotus Seed Mala) इस साधना के लिए अनिवार्य और सर्वश्रेष्ठ है। स्फटिक की माला भी प्रयोग की जा सकती है।
पूजा विधि
- सामने एक चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर माँ लक्ष्मी या कमला का चित्र/यंत्र स्थापित करें।
- शुद्ध घी का दीपक जलाएं (हो सके तो कलावे की बत्ती का प्रयोग करें)।
- माँ को कमल का फूल, इत्र, और खीर (दूध-चावल) का भोग अर्पित करें।
- सर्वप्रथम गणेश जी का ध्यान करें, फिर गुरु मंत्र, और अंत में संकल्प लेकर कमला महामंत्र (मंत्र संख्या 8) की 11, 21 या 51 माला जप करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. माँ लक्ष्मी और महाविद्या कमला में क्या अंतर है?
लक्ष्मी जी वैष्णव परंपरा में भगवान विष्णु की अर्धांगिनी हैं। कमला, शाक्त (तंत्र) परंपरा में 10वीं महाविद्या हैं। कमला का स्वरूप अधिक स्वतंत्र और व्यापक है। जहाँ लक्ष्मी केवल धन देती हैं, कमला धन के साथ-साथ मोक्ष और आत्म-ज्ञान भी देती हैं।
2. 'श्रीं' (Shreem) बीज मंत्र का क्या अर्थ है?
'श्रीं' को लक्ष्मी बीज कहा जाता है। इसमें 'श' का अर्थ है महालक्ष्मी, 'र' का अर्थ है धन/संपत्ति, 'ई' का अर्थ है महामाया (तुष्टि), और 'बिंदु' का अर्थ है दुख हरण। यह ध्वनि ब्रह्मांड से समृद्धि को खींचने वाले चुंबक की तरह कार्य करती है।
3. क्या इस मंत्र के लिए गुरु दीक्षा अनिवार्य है?
सामान्य रूप से "ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं..." मंत्र का जप कोई भी श्रद्धापूर्वक कर सकता है। लेकिन यदि आप विशिष्ट तांत्रिक प्रयोग (जैसे षट्कर्म) करना चाहते हैं, तो गुरु मार्गदर्शन अनिवार्य है। भक्ति भाव से जप करने में कोई हानि नहीं है।
4. कमल गट्टे की माला ही क्यों प्रयोग करनी चाहिए?
कमल गट्टा (Lotus Seed) माँ कमला के प्रिय पुष्प कमल का ही बीज है। जैसे कमल कीचड़ में भी खिलता है, वैसे ही इस माला से जप करने पर साधक गरीबी के बीच से उठकर अमीर बनता है। यह माला लक्ष्मी आकर्षण के लिए सर्वश्रेष्ठ है।
5. क्या कर्ज मुक्ति के लिए यह मंत्र प्रभावी है?
जी हाँ। कर्ज मुक्ति के लिए प्रतिदिन रात्रि में 'श्री कमला महामंत्र' की 5 माला का जप, 'ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र' के पाठ के साथ करने से अद्भुत परिणाम मिलते हैं।
6. गर्भवती महिलाएं क्या यह साधना कर सकती हैं?
गर्भवती महिलाएं सौम्य मंत्र (जैसे केवल 'श्रीं' या 'महालक्ष्म्यै नमः') का मानसिक जप कर सकती हैं। लंबी अवधि तक एक ही आसन पर बैठकर भारी साधना करने की सलाह गर्भावस्था में नहीं दी जाती।
7. साधना के दौरान क्या आहार लेना चाहिए?
यह एक सात्विक साधना है। साधना काल में मांसाहार, मदिरा, प्याज और लहसुन का त्याग करना चाहिए। दूध, फल और सात्विक भोजन ग्रहण करने से मंत्र की ऊर्जा शीघ्र जागृत होती है।
8. 'ह्रीं' (Hreem) बीज मंत्र यहाँ क्यों जोड़ा गया है?
'ह्रीं' भुवनेश्वरी (माया) का बीज मंत्र है। लक्ष्मी (श्रीं) चंचल हैं, लेकिन जब उन्हें माया (ह्रीं) के साथ संपुटित किया जाता है (श्रीं ह्रीं श्रीं), तो वह साधक के पास बंध जाती हैं और स्थिर हो जाती हैं।
9. क्या मैं घर के मंदिर में यह जप कर सकता हूँ?
बिल्कुल। घर के मंदिर में, एकांत कमरे में, या किसी नदी किनारे यह साधना की जा सकती है। मुख्य बात स्थान की पवित्रता और एकाग्रता है।
10. हवन में क्या आहुति देनी चाहिए?
कमला मंत्र की सिद्धि के लिए कमल के फूल (घी में डुबोकर), मखाने, या कमलगट्टे की आहुति देना अत्यंत शुभ है। बेलपत्र और घी की आहुति भी दी जा सकती है।
