Sri Mahadeva Stotram – श्री महादेव स्तोत्रम्

बृहस्पतिरुवाच ।
जय देव परानन्द जय चित्सत्यविग्रह ।
जय संसारलोकघ्न जय पापहर प्रभो ॥ १ ॥
जय पूर्णमहादेव जय देवारिमर्दन ।
जय कल्याण देवेश जय त्रिपुरमर्दन ॥ २ ॥
जयाऽहङ्कारशत्रुघ्न जय मायाविषापहा ।
जय वेदान्तसंवेद्य जय वाचामगोचरा ॥ ३ ॥
जय रागहर श्रेष्ठ जय विद्वेषहराग्रज ।
जय साम्ब सदाचार जय देवसमाहित ॥ ४ ॥
जय ब्रह्मादिभिः पूज्य जय विष्णोः परामृत ।
जय विद्या महेशान जय विद्याप्रदानिशम् ॥ ५ ॥
जय सर्वाङ्गसम्पूर्ण नागाभरणभूषण ।
जय ब्रह्मविदाम्प्राप्य जय भोगापवर्गदः ॥ ६ ॥
जय कामहर प्राज्ञ जय कारुण्यविग्रह ।
जय भस्ममहादेव जय भस्मावगुण्ठितः ॥ ७ ॥
जय भस्मरतानां तु पाशभङ्गपरायण ।
जय हृत्पङ्कजे नित्यं यतिभिः पूज्यविग्रहः ॥ ८ ॥
श्रीसूत उवाच ।
इति स्तुत्वा महादेवं प्रणिपत्य बृहस्पतिः ।
कृतार्थः क्लेशनिर्मुक्तो भक्त्या परवशो भवेत् ॥ ९ ॥
य इदं पठते नित्यं सन्ध्ययोरुभयोरपि ।
भक्तिपारङ्गतो भूत्वा परम्ब्रह्माधिगच्छति ॥ १० ॥
गङ्गा प्रवाहवत्तस्य वाग्विभूतिर्विजृम्भते ।
बृहस्पति समो बुद्ध्या गुरुभक्त्या मया समः ॥ ११ ॥
पुत्रार्थी लभते पुत्रान् कन्यार्थी कन्यकामिमात् ।
ब्रह्मवर्चसकामस्तु तदाप्नोति न संशयः ॥ १२ ॥
तस्माद्भवद्भिर्मुनयः सन्ध्ययोरुभयोरपि ।
जप्यं स्तोत्रमिदं पुण्यं देवदेवस्य भक्तितः ॥ १३ ॥
इति श्री महादेव स्तोत्रम् ॥
इतर पश्यतु ।
श्री महादेव स्तोत्रम् - परिचय
श्री महादेव स्तोत्रम् भगवान शिव की स्तुति में गाया जाने वाला एक अद्भुत स्तोत्र है। भक्तजन अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए श्रद्धापूर्वक इसका पाठ करते हैं।
पाठ के लाभ (Benefits)
- मानसिक शांति: तनाव और चिंता से मुक्ति मिलती है और मन स्थिर होता है।
- विघ्न नाश: जीवन आने वाली बाधाएं भगवान शिव की कृपा से दूर होती हैं।
- समृद्धि: घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
- भक्ति: भगवान शिव के प्रति भक्ति और श्रद्धा दृढ़ होती है।
पाठ विधि (Recitation Method)
- समय: ब्रह्म मुहूर्त (प्रातःकाल) या संध्या समय (प्रदोष काल) सर्वोत्तम है।
- शुद्धि: स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- आसन: पूजा कक्ष में पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें।
- ध्यान: भगवान शिव के स्वरूप का ध्यान करते हुए पाठ करें।
FAQ - अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. श्री महादेव स्तोत्रम् का पाठ कब करना चाहिए?
इसका पाठ प्रतिदिन किया जा सकता है, विशेषकर सोमवार और मासिक शिवरात्रि के दिन इसका महत्व अधिक है।
2. क्या संस्कृत न जानने वाले भी पाठ कर सकते हैं?
हाँ, आप हिंदी अर्थ समझकर या श्रवण (सुनकर) भी लाभ प्राप्त कर सकते हैं। भाव मुख्य है।
3. श्री महादेव स्तोत्रम् के पाठ से क्या फल मिलता है?
इसके नियमित पाठ से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है, भय का नाश होता है और जीवन में शांति आती है।