Sri Chandramouleshwara Stotram – श्री चन्द्रमौलीश स्तोत्रम्

ओंकारजपरतानामोंकारार्थं मुदा विवृण्वानम् ।
ओजःप्रदं नतेभ्यस्तमहं प्रणमामि चन्द्रमौलीशम् ॥ १ ॥
नम्रसुरासुरनिकरं नलिनाहङ्कारहारिपदयुगलम् ।
नमदिष्टदानधीरं सततं प्रणमामि चन्द्रमौलीशम् ॥ २ ॥
मननाद्यत्पदयोः खलु महतीं सिद्धिं जवात्प्रपद्यन्ते ।
मन्देतरलक्ष्मीप्रदमनिशं प्रणमामि चन्द्रमौलीशम् ॥ ३ ॥
शितिकण्ठमिन्दुदिनकरशुचिलोचनमम्बुजाक्षविधिसेव्यम् ।
नतमतिदानधुरीणं सततं प्रणमामि चन्द्रमौलीशम् ॥ ४ ॥
वाचो विनिवर्तन्ते यस्मादप्राप्य सह हृदैवेति ।
गीयन्ते श्रुतिततिभिस्तमहं प्रणमामि चन्द्रमौलीशम् ॥ ५ ॥
यच्छन्ति यत्पदाम्बुजभक्ताः कुतुकात्स्वभक्तेभ्यः ।
सर्वानपि पुरुषार्थांस्तमहं प्रणमामि चन्द्रमौलीशम् ॥ ६ ॥
पञ्चाक्षरमनुवर्णैरादौ क्लुप्तां स्तुतिं पठन्नेनाम् ।
प्राप्य दृढां शिवभक्तिं भुक्त्वा भोगाँल्लभेत मुक्तिमपि ॥ ७ ॥
इति श्रीसच्चिदानन्द शिवाभिनव नृसिंहभारती स्वामिभिः विरचितं श्री चन्द्रमौलीश स्तोत्रम् ॥
इतर पश्यतु ।
श्री चन्द्रमौलीश स्तोत्रम् - परिचय
श्री चन्द्रमौलीश स्तोत्रम् भगवान शिव की स्तुति में गाया जाने वाला एक अद्भुत स्तोत्र है। भक्तजन अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए श्रद्धापूर्वक इसका पाठ करते हैं।
पाठ के लाभ (Benefits)
- मानसिक शांति: तनाव और चिंता से मुक्ति मिलती है और मन स्थिर होता है।
- विघ्न नाश: जीवन आने वाली बाधाएं भगवान शिव की कृपा से दूर होती हैं।
- समृद्धि: घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
- भक्ति: भगवान शिव के प्रति भक्ति और श्रद्धा दृढ़ होती है।
पाठ विधि (Recitation Method)
- समय: ब्रह्म मुहूर्त (प्रातःकाल) या संध्या समय (प्रदोष काल) सर्वोत्तम है।
- शुद्धि: स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- आसन: पूजा कक्ष में पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें।
- ध्यान: भगवान शिव के स्वरूप का ध्यान करते हुए पाठ करें।
FAQ - अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. श्री चन्द्रमौलीश स्तोत्रम् का पाठ कब करना चाहिए?
इसका पाठ प्रतिदिन किया जा सकता है, विशेषकर सोमवार और मासिक शिवरात्रि के दिन इसका महत्व अधिक है।
2. क्या संस्कृत न जानने वाले भी पाठ कर सकते हैं?
हाँ, आप हिंदी अर्थ समझकर या श्रवण (सुनकर) भी लाभ प्राप्त कर सकते हैं। भाव मुख्य है।
3. श्री चन्द्रमौलीश स्तोत्रम् के पाठ से क्या फल मिलता है?
इसके नियमित पाठ से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है, भय का नाश होता है और जीवन में शांति आती है।