Bagalamukhi Mata 108 Names – श्री बगलामुखी अष्टोत्तरशतनामावलिः

माँ बगलामुखी 108 नाम (Bagalamukhi Mata 108 Names) — परिचय (Introduction)
श्री बगलामुखी अष्टोत्तरशतनामावलिः (Sri Bagalamukhi Ashtottara Shatanamavali) माँ पीताम्बरा के १०८ कल्याणकारी नामों का संग्रह है। ये नाम 'श्री विष्णु यामल तंत्र' (Vishnu Yamala Tantra) से लिए गए हैं।
'नामावलिः' का अर्थ है नामों की श्रृंखला। इसमें प्रत्येक नाम के साथ 'ॐ' और अंत में 'नमः' लगाया जाता है। इसका प्रयोग मुख्य रूप से देवी के अर्चन (Archana - Offering flowers/kumkum) के लिए किया जाता है। भक्तजन एक-एक नाम का उच्चारण करते हुए माँ को पुष्प या हल्दी अर्पित करते हैं।
यह पाठ विशेष रूप से शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने, अदालती मामलों (Court Cases) में सफलता पाने, और जीवन की बाधाओं को 'स्तम्भित' (रोकने) के लिए किया जाता है।
पाठ के लाभ (Benefits)
माँ बगलामुखी के इन 108 नामों का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से निम्नलिखित लाभ प्राप्त होते हैं:
- ✦शत्रु बाधा निवारण: यह पाठ शत्रुओं की बुरी नजर, षड्यंत्र और तांत्रिक प्रयोगों को नष्ट करता है। ("रिपुत्रासकर्यै नमः")
- ✦वाद-विवाद में विजय: कोर्ट-कचहरी, मुकदमे या किसी भी विवाद में साधक की जीत सुनिश्चित होती है।
- ✦स्तम्भन शक्ति: यह पाठ विरोधियों की वाणी और बुद्धि को स्तम्भित कर देता है, जिससे वे साधक का अहित नहीं कर पाते। ("स्तम्भिन्यै नमः")
- ✦सुख-समृद्धि: यह केवल उग्र साधना नहीं है, बल्कि 'सौभाग्यदायिन्यै नमः' के रूप में यह धन, यश और पारिवारिक सुख भी प्रदान करती है।
पाठ विधि एवं अर्चन (Recitation & Archana Method)
नामावलि का पाठ करते समय माँ का अर्चन करना अत्यंत फलदायी माना गया है।
सरल विधि
- समय: नवरात्रि, गुरुवार, अष्टमी या चतुर्दशी तिथि विशेष फलदायी है। रात्रि काल (9 बजे के बाद) उत्तम है।
- वस्त्र: पूजा के समय पीले वस्त्र (Yellow Clothes) धारण करें।
- आसन: पीला आसन प्रयोग करें।
- अर्चन सामग्री: पीले फूल (कनेर या गेंदा) या हल्दी की गांठे (Turmeric pieces) अर्पित करें।
- प्रक्रिया: "ॐ [नाम] नमः" बोलते हुए एक फूल या हल्दी का टुकड़ा माँ के चरणों या यंत्र पर अर्पित करें।
- माला: यदि केवल पाठ कर रहे हैं (बिना अर्चन), तो हल्दी की माला (Haldi Mala) का प्रयोग करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)