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नवग्रह तांत्रिक बीज मन्त्राः (Tantric Navagraha Mantras)

Navagraha Tantric Beeja Mantras — Powerful Planetary Seed Mantras

नवग्रह तांत्रिक बीज मन्त्राः (Tantric Navagraha Mantras)
॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ नवग्रह तांत्रिक बीज मन्त्राः ॥ १. सूर्य मन्त्र (विश्वनाथसारोद्धारे) ॐ ह्सौः श्रीं आं ग्रहाधिराजाय आदित्याय स्वाहा ॥ १॥ २. चन्द्र मन्त्र (कालीपटल तन्त्रे) ॐ श्रीं क्रीं ह्रां चं चन्द्राय नमः ॥ २॥ ३. भौम (मङ्गल) मन्त्र (शारदाटीकायाम्) ऐं ह्सौः श्रीं द्रां कं ग्रहाधिपतये भौमाय स्वाहा ॥ ३॥ ४. बुध मन्त्र (स्वतन्त्र तन्त्रे) ॐ ह्रां क्रीं टं ग्रहनाथाय बुधाय स्वाहा ॥ ४॥ ५. जीव (बृहस्पति) मन्त्र (त्रिपुरातिलके) ॐ ह्रीं श्रीं ख्रीं ऐं ग्लौं ग्रहाधिपतये बृहस्पतये ब्रींठः ऐंठः श्रींठः स्वाहा ॥ ५॥ ६. शुक्र मन्त्र (आगमशिरोमणौ) ॐ ऐं जं गं ग्रहेश्वराय शुक्राय नमः ॥ ६॥ ७. शनैश्चर मन्त्र (आगमलहर्याम्) ॐ ह्रीं श्रीं ग्रहचक्रवर्तिने शनैश्चराय क्लीं ऐंसः स्वाहा ॥ ७॥ ८. राहु मन्त्र (आगमलहर्याम्) ॐ क्रीं क्रीं हूँ हूँ टं टङ्कधारिणे राहवे रं ह्रीं श्रीं भैं स्वाहा ॥ ८॥ ९. केतु मन्त्र (मन्त्रमुक्तावल्याम्) ॐ ह्रीं क्रूं क्रूररूपिणे केतवे ऐं सौः स्वाहा ॥ ९॥ ॥ इति नवग्रहमन्त्राः सम्पूर्णाः ॥

तांत्रिक बीज मन्त्रों का विज्ञान

तांत्रिक बीज मन्त्रों (Tantric Bija Mantras) का प्रभाव पौराणिक मंत्रों की तुलना में अधिक तीव्र और सीधा होता है। ये मन्त्र विश्वनाथसारोद्धार, कालीपटल और आगमलहरी जैसे गुप्त तांत्रिक ग्रंथों से उद्धृत हैं।
इनमें 'ह्सौः', 'ब्रींठः', 'टं' जैसे विशिष्ट बीजाक्षरों का प्रयोग किया गया है जो संबंधित ग्रह की रश्मियों को तुरंत आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. ये मन्त्र सामान्य बीज मन्त्रों से कैसे अलग हैं?

सामान्य बीज मन्त्र (जैसे ॐ ह्रां ह्रीं...) वैदिक परंपरा के हैं, जबकि ये मन्त्र तांत्रिक आगमों से हैं। इनमें अधिक जटिल और गुप्त बीजाक्षर संयोजनों का प्रयोग होता है जो गहन साधना के लिए उपयुक्त हैं।

2. क्या इनका जाप कोई भी कर सकता है?

श्रद्धा और शुद्धि के साथ कोई भी इनका जाप कर सकता है, परंतु तांत्रिक मन्त्रों में उच्चारण की सटीकता अनिवार्य है। किसी विशिष्ट कार्य सिद्धि के लिए इनका जाप गुरु के मार्गदर्शन में करना श्रेयस्कर है।