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Bilvashtakam 2 – बिल्वाष्टकम् – 2

Bilvashtakam 2 – बिल्वाष्टकम् – 2
त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधं । त्रिजन्म पापसंहारं एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥ १ ॥ त्रिशाखैः बिल्वपत्रैश्च अच्छिद्रैः कोमलैः शुभैः । तव पूजां करिष्यामि एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥ २ ॥ कोटि कन्या महादानं तिलपर्वत कोटयः । काञ्चनं शैलदानेन एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥ ३ ॥ काशीक्षेत्र निवासं च कालभैरव दर्शनं । प्रयागे माधवं दृष्ट्वा एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥ ४ ॥ इन्दुवारे व्रतं स्थित्वा निराहारो महेश्वराः । नक्तं हौष्यामि देवेश एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥ ५ ॥ रामलिङ्ग प्रतिष्ठा च वैवाहिक कृतं तधा । तटाकानिच सन्तानं एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥ ६ ॥ अखण्ड बिल्वपत्रं च आयुतं शिवपूजनं । कृतं नाम सहस्रेण एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥ ७ ॥ उमया सहदेवेश नन्दि वाहनमेव च । भस्मलेपन सर्वाङ्गं एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥ ८ ॥ सालग्रामेषु विप्राणां तटाकं दशकूपयोः । यज्ञकोटि सहस्रस्य एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥ ९ ॥ दन्ति कोटि सहस्रेषु अश्वमेध शतक्रतौ । कोटिकन्या महादानं एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥ १० ॥ बिल्वाणां दर्शनं पुण्यं स्पर्शनं पापानाशनं । अघोर पापसंहारं एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥ ११ ॥ सहस्रवेद पाठेषु ब्रह्मस्तापन मुच्यते । अनेक व्रतकोटीनां एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥ १२ ॥ अन्नदान सहस्रेषु सहस्रोपनयनं तधा । अनेक जन्मपापानि एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥ १३ ॥ बिल्वष्टकमिदं पुण्यं यः पठेच्छिव सन्निधौ । शिवलोकमवाप्नोति एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥ १४ ॥ इतर पश्यतु । इतर पश्यतु ।

बिल्वाष्टकम् - परिचय

बिल्वाष्टकम् भगवान शिव की स्तुति में गाया जाने वाला एक अद्भुत अष्टकम है। भक्तजन अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए श्रद्धापूर्वक इसका पाठ करते हैं।

पाठ के लाभ (Benefits)

  • मानसिक शांति: तनाव और चिंता से मुक्ति मिलती है और मन स्थिर होता है।
  • विघ्न नाश: जीवन आने वाली बाधाएं भगवान शिव की कृपा से दूर होती हैं।
  • समृद्धि: घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
  • भक्ति: भगवान शिव के प्रति भक्ति और श्रद्धा दृढ़ होती है।

पाठ विधि (Recitation Method)

  • समय: ब्रह्म मुहूर्त (प्रातःकाल) या संध्या समय (प्रदोष काल) सर्वोत्तम है।
  • शुद्धि: स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • आसन: पूजा कक्ष में पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें।
  • ध्यान: भगवान शिव के स्वरूप का ध्यान करते हुए पाठ करें।

FAQ - अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. बिल्वाष्टकम् का पाठ कब करना चाहिए?

इसका पाठ प्रतिदिन किया जा सकता है, विशेषकर सोमवार और मासिक शिवरात्रि के दिन इसका महत्व अधिक है।

2. क्या संस्कृत न जानने वाले भी पाठ कर सकते हैं?

हाँ, आप हिंदी अर्थ समझकर या श्रवण (सुनकर) भी लाभ प्राप्त कर सकते हैं। भाव मुख्य है।

3. बिल्वाष्टकम् के पाठ से क्या फल मिलता है?

इसके नियमित पाठ से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है, भय का नाश होता है और जीवन में शांति आती है।