Logoपवित्र ग्रंथ

Sri Vighneshwara Shodasha Nama Stotram - The 16 Powerful Names

Sri Vighneshwara Shodasha Nama Stotram

Sri Vighneshwara Shodasha Nama Stotram - The 16 Powerful Names
॥ श्री विघ्नेश्वर षोडशनाम स्तोत्रम् ॥ सुमुखश्चैकदन्तश्च कपिलो गजकर्णकः । लम्बोदरश्च विकटो विघ्नराजो विनायकः ॥ १ ॥ धूमकेतुर्गणाध्यक्षः फालचन्द्रो गजाननः । वक्रतुण्डः शूर्पकर्णो हेरम्बः स्कन्दपूर्वजः ॥ २ ॥ षोडशैतानि नामानि यः पठेच्छृणुयादपि । विद्यारम्भे विवाहे च प्रवेशे निर्गमे तथा । सङ्ग्रामे सर्वकार्येषु विघ्नस्तस्य न जायते ॥ ३ ॥ ॥ इति श्रीपद्मपुराणे विघ्नेश्वरषोडशनामस्तोत्रं सम्पूर्णम् ॥

स्तोत्र परिचय (Introduction)

श्री विघ्नेश्वर षोडशनाम स्तोत्र पद्म पुराण से लिया गया एक अत्यंत प्रभावशाली पाठ है। इसमें भगवान गणेश के 16 दिव्य नामों का उल्लेख है।
यह स्तोत्र इतना शक्तिशाली माना जाता है कि इसे किसी भी कार्य के "श्री गणेश" (प्रारंभ) से पहले पढ़ने का विधान है।

१६ नामों का रहस्य (The 16 Names)

नाम (Name)अर्थ (Meaning)
1. सुमुख (Sumukha)सुंदर मुख वाले (The one with a pleasant face).
2. एकदन्त (Ekadanta)एक दाँत वाले (The one with a single tusk).
3. कपिल (Kapila)कपिला/धूम्र वर्ण वाले (The reddish-brown complexioned one).
4. गजकर्णक (Gajakarnaka)हाथी के कानों वाले (The one with elephant ears).
5. लम्बोदर (Lambodara)विशाल उदर वाले (The big-bellied one).
6. विकट (Vikata)विशाल/भयंकर स्वरूप (The ferocious/huge one).
7. विघ्नराज (Vighnaraja)विघ्नों के राजा (The king of obstacles).
8. विनायक (Vinayaka)विशिष्ट नायक (The supreme leader).
9. धूम्रकेतु (Dhumraketu)धूम्र पताका वाले (The comet/smoke-bannered one).
10. गणाध्यक्ष (Ganadhyaksha)गणों के स्वामी (The leader of the Ganas).
11. फालचन्द्र (Phalachandra)माथे पर चन्द्रमा धारण करने वाले (Moon-crested).
12. गजानन (Gajanana)गज मुख वाले (Elephant-faced).
13. वक्रतुण्ड (Vakratunda)टेढ़ी सूंड वाले (Curved trunk).
14. शूर्पकर्ण (Shurpakarna)सूप जैसे कानों वाले (Large ears like winnowing fans).
15. हेरम्ब (Heramba)दीनों के रक्षक (Protector of the weak).
16. स्कन्दपूर्वज (Skandapurvaja)स्कन्द (कार्तिकेय) के बड़े भाई (Elder brother of Skanda).

फलश्रुति (Benefits)

श्लोक 3 में इस स्तोत्र के पाठ के विशिष्ट अवसरों का वर्णन है:
  • विद्यारम्भे (Education): पढ़ाई शुरू करते समय इसका पाठ बुद्धि प्रखर करता है।
  • विवाहे (Marriage): विवाह में आने वाली बाधाओं को दूर कर दांपत्य सुख देता है।
  • प्रवेशे निर्गमे (Travel): घर से निकलते समय या किसी नए स्थान पर प्रवेश करते समय यह रक्षा कवच का काम करता है।

प्रश्नोत्तरी (FAQ)

"षोडश" नाम का क्या अर्थ है?

"षोडश" का अर्थ है सोलह (16)। पद्म पुराण में वर्णित गणेश जी के ये 16 नाम (सुमुख से स्कन्दपूर्वज तक) अत्यंत कल्याणकारी माने गए हैं।

इसका पाठ कब करना चाहिए?

फलश्रुति (श्लोक 3) के अनुसार, विशेष रूप से विद्यारम्भ (पढ़ाई शुरू करते समय), विवाह, यात्रा (प्रवेश और निर्गम), और युद्ध (संकट) के समय इसका पाठ करना चाहिए।

"स्कन्दपूर्वज" कौन हैं?

"स्कन्द" भगवान कार्तिकेय का नाम है और "पूर्वज" का अर्थ है बड़े भाई। अतः स्कन्दपूर्वज का अर्थ है कार्तिकेय के अग्रज (गणेश)।

"धूम्रकेतु" का क्या अर्थ है?

इसका अर्थ है "धुएँ की पताका वाला" (Comet)। गणेश पुराण में धूम्रकेतु अवतार ने अभिमनासूर का वध किया था। यह अग्नि के समान तेज का प्रतीक है।

"कपिल" नाम क्यों प्रयोग हुआ है?

"कपिल" का अर्थ है भूरा या तांबे जैसा लाल रंग। यह गणेश जी की आभा के एक विशिष्ट स्वरूप को दर्शाता है।

क्या यह विद्यार्थियों के लिए लाभकारी है?

जी हाँ। "विद्यारम्भे" शब्द का स्पष्ट उल्लेख है, इसलिए छात्रों के लिए यह सर्वोत्तम प्रार्थना है।

क्या यह भय मुक्त करता है?

हाँ। श्लोक 3 कहता है कि "संग्रामे" (युद्ध/संघर्ष) और सभी कार्यों में इसके पाठ से कोई विघ्न उत्पन्न नहीं होता (विघ्नस्तस्य न जायते)।

"फालचन्द्र" का क्या अर्थ है?

"फाल" का अर्थ मस्तक और "चन्द्र" का अर्थ चंद्रमा है। जो अपने मस्तक पर चंद्रमा धारण करते हैं (शिव जी की तरह), वे फालचन्द्र हैं।

"हेरम्ब" कौन है?

"हेरम्ब" गणेश जी का वह स्वरूप है जो सिंह पर सवारी करता है और जिसके पाँच मुख हैं। यह 'दीनों के रक्षक' का प्रतीक है।

क्या इसे बिना गुरु दीक्षा के पढ़ सकते हैं?

बिल्कुल। यह एक "नित्य प्रार्थना" है और इसके लिए किसी विशेष दीक्षा या कठोर नियमों की आवश्यकता नहीं है।