Sri Rudra Stavanam – श्री रुद्र स्तवनम्

नमो विरिञ्चविष्ण्वीशभेदेन परमात्मने ।
सर्गसंस्थितिसंहारव्यावृत्तिव्यक्तवृत्तये ॥ १ ॥
नमश्चतुर्धा प्रोद्भूतभूतभूतात्मने भुवः ।
भूरिभारार्तिसंहर्त्रे भूतनाथाय शूलिने ॥ २ ॥
विश्वग्रासाय विलसत्कालकूटविषाशिने ।
तत्कलङ्काङ्कितग्रीवनीलकण्ठाय ते नमः ॥ ३ ॥
नमो ललाटनयनप्रोल्लसत्कृष्णवर्त्मने ।
ध्वस्तस्मरनिरस्ताधियोगिध्याताय शम्भवे ॥ ४ ॥
नमो देहार्धकान्ताय दग्धदक्षाध्वराय च ।
चतुर्वर्गेष्वभीष्टार्थदायिने मायिनेऽणवे ॥ ५ ॥
स्थूलाय मूलभूताय शूलदारितविद्विषे ।
कालहन्त्रे नमश्चन्द्रखण्डमण्डितमौलये ॥ ६ ॥
विवाससे कपर्दान्तर्भ्रान्ताहिसरिदिन्दवे ।
देवदैत्यासुरेन्द्राणां मौलिघृष्टाङ्घ्रये नमः ॥ ७ ॥
भस्माभ्यक्ताय भक्तानां भुक्तिमुक्तिप्रदायिने ।
व्यक्ताव्यक्तस्वरूपाय शङ्कराय नमो नमः ॥ ८ ॥
नमोऽन्धकान्तकरिपवे पुरद्विषे
नमोऽस्तु ते द्विरदवराहभेदिने ।
विषोल्लसत्फणिकुलबद्धमूर्तये
नमः सदा वृषवरवाहनाय ते ॥ ९ ॥
वियन्मरुद्धुतवहवार्वसुन्धरा
मखेशरव्यमृतमयूखमूर्तये ।
नमः सदा नरकभयावभेदिने
भवेह नो भवभयभङ्गकृद्विभो ॥ १० ॥
इति श्रीमच्छङ्करभगवतः कृतौ प्रपञ्चसारे पञ्चविंशः पटले श्री रुद्र स्तवनम् ।
श्री रुद्र स्तवनम् - परिचय
श्री रुद्र स्तवनम् भगवान शिव की स्तुति में गाया जाने वाला एक अद्भुत स्तोत्र है। भक्तजन अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए श्रद्धापूर्वक इसका पाठ करते हैं।
पाठ के लाभ (Benefits)
- मानसिक शांति: तनाव और चिंता से मुक्ति मिलती है और मन स्थिर होता है।
- विघ्न नाश: जीवन आने वाली बाधाएं भगवान शिव की कृपा से दूर होती हैं।
- समृद्धि: घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
- भक्ति: भगवान शिव के प्रति भक्ति और श्रद्धा दृढ़ होती है।
पाठ विधि (Recitation Method)
- समय: ब्रह्म मुहूर्त (प्रातःकाल) या संध्या समय (प्रदोष काल) सर्वोत्तम है।
- शुद्धि: स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- आसन: पूजा कक्ष में पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें।
- ध्यान: भगवान शिव के स्वरूप का ध्यान करते हुए पाठ करें।
FAQ - अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. श्री रुद्र स्तवनम् का पाठ कब करना चाहिए?
इसका पाठ प्रतिदिन किया जा सकता है, विशेषकर सोमवार और मासिक शिवरात्रि के दिन इसका महत्व अधिक है।
2. क्या संस्कृत न जानने वाले भी पाठ कर सकते हैं?
हाँ, आप हिंदी अर्थ समझकर या श्रवण (सुनकर) भी लाभ प्राप्त कर सकते हैं। भाव मुख्य है।
3. श्री रुद्र स्तवनम् के पाठ से क्या फल मिलता है?
इसके नियमित पाठ से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है, भय का नाश होता है और जीवन में शांति आती है।