Logoपवित्र ग्रंथ

Maha Tripura Sundari Shatkam – श्री महात्रिपुरसुन्दरी षट्कम्

Maha Tripura Sundari Shatkam – श्री महात्रिपुरसुन्दरी षट्कम्
मनोज्ञमणिकुण्डलां महितचक्रराजालयां मनोऽम्बुजविहारिणीं परशिवस्य वामाङ्कगाम् । महाहरिमुखामरप्रणतपादपङ्केरुहां महात्रिपुरसुन्दरीं मनसि भावये सन्ततम् ॥ १ ॥ मतङ्गमुनिपूजितां मथितपापसङ्घां जवा- -न्मदारुणितलोचनां मदमुखारिनिर्वापिणीम् । मनःसु यमिनां सदा स्थितिविहारिणीं मोदतो महात्रिपुरसुन्दरीं मनसि भावये सन्ततम् ॥ २ ॥ विचित्रकविताप्रदां नतततेर्विलम्बं विना विधीन्द्रहरिवन्दितां विधिनिषेधसक्तार्चिताम् । विनायकविभावसूद्भवविभासिपार्श्वद्वयां महात्रिपुरसुन्दरीं मनसि भावये सन्ततम् ॥ ३ ॥ विनिन्दितविभावरीविटसहस्रगर्वाननां विनिर्मितजगत्त्रयीं विधुसमानमन्दस्मिताम् । विबोधनपटीयसीं विनतसन्ततेः सत्वरं महात्रिपुरसुन्दरीं मनसि भावये सन्ततम् ॥ ४ ॥ विमानचरमानिनीविहितपादसेवां मुदा विशालनयनाम्बुजां विधृतचापपाशाङ्कुशाम् । विशुद्धिसरसीरुहे कृतनिजासनां सर्वदा महात्रिपुरसुन्दरीं मनसि भावये सन्ततम् ॥ ५ ॥ विरागिजनसेवितां विमलबुद्धिसन्दायिनीं विराधरिपुपूजितां विविधरत्नभूषोज्ज्वलाम् । विरिञ्चिहरिसुन्दरीकलितचामरावीजनां महात्रिपुरसुन्दरीं मनसि भावये सन्ततम् ॥ ६ ॥ इति शृङ्गेरि श्रीजगद्गुरु श्रीसच्चिदानन्दशिवाभिनवनृसिंह भारतीस्वामिभिः विरचितं श्री महात्रिपुरसुन्दरी षट्कम् । इतर पश्यतु ।

श्री महात्रिपुरसुन्दरी षट्कम् - परिचय

श्री महात्रिपुरसुन्दरी षट्कम् माँ ललिता त्रिपुरसुन्दरी को समर्पित है। माँ ललिता "श्रीविद्या" की अधिष्ठात्री देवी हैं। इनकी उपासना से साधक को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष चारों पुरुषार्थों की प्राप्ति होती है।

पाठ के लाभ (Benefits)

  • ऐश्वर्य प्राप्ति: माँ ललिता की कृपा से सुख, समृद्धि और राजयोग मिलता है।
  • सौंदर्य और आरोग्य: साधक को शारीरिक कांति और निरोगी काया प्राप्त होती है।
  • शत्रु नाश: समस्त बाधाओं और शत्रुओं का शमन होता है।
  • ब्रह्मज्ञान: अंततः साधक को आत्मज्ञान और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

पाठ विधि (Recitation Method)

  • समय: प्रातःकाल या रात्रि (विशेषकर शुक्रवार और पूर्णिमा) को पाठ करना श्रेयस्कर है।
  • आसन: लाल आसन पर बैठकर, पूर्वाभिमुख होकर पाठ करें।
  • शुद्धि: स्नान कर लाल वस्त्र धारण करें और कुमकुम का तिलक लगाएं।
  • नैवेद्य: देवी को खीर, मिश्री या फलों का भोग लगाएं।

FAQ - अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. श्री महात्रिपुरसुन्दरी षट्कम् का पाठ किस तिथि को करना चाहिए?

शुक्रवार (Friday), पूर्णिमा और नवरात्रि के दिनों में इसका पाठ विशेष फलदायी होता है।

2. क्या बिना दीक्षा के श्रीविद्या उपासना की जा सकती है?

सामान्य स्तोत्र पाठ (जैसे ललिता सहस्रनाम) भक्ति भाव से कोई भी कर सकता है, परन्तु बीज मंत्रों का जप गुरु दीक्षा के बाद ही करना चाहिए।