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Bilvashtakam 1 – बिल्वाष्टकम् 1

Bilvashtakam 1 – बिल्वाष्टकम् 1
त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधम् । त्रिजन्मपापसंहारं एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥ १ ॥ त्रिशाखैर्बिल्वपत्रैश्च ह्यच्छिद्रैः कोमलैः शुभैः । शिवपूजां करिष्यामि एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥ २ ॥ अखण्डबिल्वपत्रेण पूजिते नन्दिकेश्वरे । शुद्ध्यन्ति सर्वपापेभ्यः एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥ ३ ॥ सालग्रामशिलामेकां जातु विप्राय योऽर्पयेत् । सोमयज्ञमहापुण्यं एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥ ४ ॥ दन्तिकोटिसहस्राणि वाजपेयशतानि च । कोटिकन्यामहादानां एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥ ५ ॥ पार्वत्याः स्वेदसञ्जातं महादेवस्य च प्रियम् । बिल्ववृक्षं नमस्यामि एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥ ६ ॥ दर्शनं बिल्ववृक्षस्य स्पर्शनं पापनाशनम् । अघोरपापसंहारं एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥ ७ ॥ मूलतो ब्रह्मरूपाय मध्यतो विष्णुरूपिणे । अग्रतः शिवरूपाय एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥ ८ ॥ बिल्वाष्टकमिदं पुण्यं यः पठेच्छिवसन्निधौ । सर्वपापविनिर्मुक्तः शिवलोकमवाप्नुयात् ॥ ९ ॥ इति बिल्वाष्टकम् ॥ इतर पश्यतु । इतर पश्यतु ।

बिल्वाष्टकम् 1 - परिचय

बिल्वाष्टकम् 1 भगवान शिव की स्तुति में गाया जाने वाला एक अद्भुत अष्टकम है। भक्तजन अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए श्रद्धापूर्वक इसका पाठ करते हैं।

पाठ के लाभ (Benefits)

  • मानसिक शांति: तनाव और चिंता से मुक्ति मिलती है और मन स्थिर होता है।
  • विघ्न नाश: जीवन आने वाली बाधाएं भगवान शिव की कृपा से दूर होती हैं।
  • समृद्धि: घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
  • भक्ति: भगवान शिव के प्रति भक्ति और श्रद्धा दृढ़ होती है।

पाठ विधि (Recitation Method)

  • समय: ब्रह्म मुहूर्त (प्रातःकाल) या संध्या समय (प्रदोष काल) सर्वोत्तम है।
  • शुद्धि: स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • आसन: पूजा कक्ष में पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें।
  • ध्यान: भगवान शिव के स्वरूप का ध्यान करते हुए पाठ करें।

FAQ - अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. बिल्वाष्टकम् 1 का पाठ कब करना चाहिए?

इसका पाठ प्रतिदिन किया जा सकता है, विशेषकर सोमवार और मासिक शिवरात्रि के दिन इसका महत्व अधिक है।

2. क्या संस्कृत न जानने वाले भी पाठ कर सकते हैं?

हाँ, आप हिंदी अर्थ समझकर या श्रवण (सुनकर) भी लाभ प्राप्त कर सकते हैं। भाव मुख्य है।

3. बिल्वाष्टकम् 1 के पाठ से क्या फल मिलता है?

इसके नियमित पाठ से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है, भय का नाश होता है और जीवन में शांति आती है।